Follow palashbiswaskl on Twitter

ArundhatiRay speaks

PalahBiswas On Unique Identity No1.mpg

Unique Identity No2

Please send the LINK to your Addresslist and send me every update, event, development,documents and FEEDBACK . just mail to palashbiswaskl@gmail.com

Website templates

Jyoti basu is dead

Dr.B.R.Ambedkar

Thursday, March 29, 2012

मुश्किल हो चला है दिल्ली में नाटक का आयोजन

मुश्किल हो चला है दिल्ली में नाटक का आयोजन

Thursday, 29 March 2012 12:33

नयी दिल्ली, 29 मार्च (एजेंसी) प्रख्यात रंगकर्मी और बॉलीवुड अभिनेता एम के रैना ने थियेटर के प्रति दिल्ली में बढ़ती बेदिली पर चिंता जताई है और उन्हें इस बात का मलाल है कि दिल्ली में अब नाटक का आयोजन मुश्किल होता जा रहा है।
साहित्य अकादमी के सभागार में बुधवार को 'रंग संधान' कार्यक्रम के दौरान अपनी जिंदगी के अच्छे-बुरे तजुर्बों से लोगों को रूबरू कराते हुए रैना ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि दिल्ली में नाटक का आयोजन बड़ा मुश्किल हो चला है । 
रैना ने कहा कि देश की राजधानी में प्रेक्षागृह के किराए में ही हजारों रुपए खर्च करने होते हैं । उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौर से गुजर रहे थिएटर कलाकारों के लिए इतने पैसे इकट्ठा करना काफी मुश्किल है । 
जम्मू-कश्मीर में पैदा हुए 64 साल के रैना ने बताया कि स्थानीय राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय :एनएसडी: से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने थिएटर के क्षेत्र में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा । उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने थिएटर का दामन थामे रखा । 

रैना ने बताया कि मशहूर थिएटर कलाकार सफदर हाशमी की हत्या के बाद उन्होंने सांप्रदायिकता के खिलाफ अपनी लड़ाई और तेज कर दी । 
गौरतलब है कि रैना ने अपने 40 साल के करियर में न सिर्फ 150 से अधिक नाटकों में बतौर अभिनेता और निर्देशक काम किया है बल्कि आयशा, तारे जमीं पर जैसी बॉलीवुड फिल्मों में दमदार अभिनय भी किया। 
वैसे निराशा में भी आशा के दीप जलाने वाले समुदाय की अगुवाई करने वाले रैना ने उम्मीद जतायी कि जिस तरह देश के हर छोटे बड़े शहर के नौजवान क्रिकेट की दुनिया में कदम रख रहे हैं उसी तरह ऐसा भी दिन आएगा जब हर शहर से थिएटर कलाकार सामने आएंगे।

No comments: