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Sunday, February 12, 2012

क्रिकेट: भारत की आस्ट्रेलिया पर रोमांचक जीत

क्रिकेट: भारत की आस्ट्रेलिया पर रोमांचक जीत

Sunday, 12 February 2012 17:18

एडिलेड, 12 फरवरी (एजेंसी) सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर की 92 रन की दिलकश पारी और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के आखिरी ओवर के धमाल से भारत ने आज यहां आस्ट्रेलिया का विजय रथ रोककर त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट श्रृंखला में दो गेंद शेष रहते हुए चार विकेट की रोमांचक जीत दर्ज की। आस्ट्रेलिया तब बड़ा स्कोर बनाने की स्थिति में दिख रहा था जब अपना पहला मैच खेल रहे पीटर फोरेस्ट : 66 : और डेविड हसी : 72 : क्रीज पर थे लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी वापसी करके उसकी टीम को आठ विकेट पर 269 रन ही बनाने दिये। 
गंभीर फिर से शतक से चूक गये लेकिन उन्होंने अच्छी नींव रखी। इसके बावजूद आखिरी क्षणों में मैच काफी कड़ा हो गया। रोमांच की इस पराकाष्ठा में जब भारत को चार गेंद पर 12 रन चाहिए थे तब धोनी : 58 गेंद पर नाबाद 44 : ने अपने बाजुओं की ताकत का उत्कृष्ट नमूना पेश किया और 49.4 ओवर में ही भारत का स्कोर छह विकेट पर 270 रन पर पहुंचाया। 
भारत को आखिरी ओवर में 13 रन चाहिए थे। पहली दो गेंद पर एक रन बना लेकिन धोनी ने आस्ट्रेलिया के सबसे सफल गेंदबाज क्लाइंट मैकाय की तीसरी गेंद लांग आन पर गगनदायी छक्के के लिये उछाल दी जो 112 मीटर दूर जाकर गिरी। यह 56वीं गेंद पर पहला शाट था जिस पर उन्होंने गेंद सीमा रेखा के पार भेजी। अगली गेंद कमर से उच्च्पर थी जिस पर धोनी ने सीमा रेखा पर कैच दिया लेकिन यह नोबाल निकली। धोनी ने चौथी गेंद पर तीन रन लेकर मैच भारत के नाम किया। 
भारत की यह टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत है। आस्ट्रेलिया अब भी नौ अंक लेकर शीर्ष पर है जबकि भारत के आठ अंक हैं। श्रीलंका ने अब तक दोनों मैच गंवाये हैं। आस्ट्रेलिया से चारों टेस्ट मैच गंवाने वाले भारत की इस दौरे में अपने इस प्रतिद्वंद्वी पर यह दूसरी जीत है। भारतीय टीम ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी सरजमीं पर पहली बार इतना बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया। इससे पहले उसने 2008 में सिडनी में चार विकेट पर 242 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। 
गंभीर और वीरेंद्र सहवाग दोनों पर बड़ा स्कोर करने का दबाव था। इन दोनों ने हालांकि सहज शुरुआत की और शुरू से ही गेंद को सीमा पार निकालने की रणनीति अपनायी। गंभीर ने मिशेल स्टार्क के सामने यह शुरुआत की जबकि सहवाग ने हैरिस के एक ओवर में कवर और प्वाइंट पर चौके लगाये। 
गंभीर ने भी हैरिस की तीन गेंदों पर दो चौके लगाये जिससे माइकल क्लार्क को दसवें ओवर में क्वाइंट मैकाय को गेंद सौंपनी पड़ी। मैकाय की पहली गेंद विकेट हासिल करने वाली नहीं थी लेकिन सहवाग ने उस पर प्वाइंट पर आसान कैच थमा दिया। वह केवल 20 रन बना पाये। इस तरह से आस्ट्रेलिया के इस दौरे में 12 पारियों में उनके नाम पर केवल 255 रन दर्ज हैं। 
भारत की शीर्ष क्रम को रोटेशन करने की रणनीति के तहत सचिन तेंदुलकर की जगह टीम में आने वाले गंभीर ने अपने कदमों का अच्छा इस्तेमाल किया और क्रीज के दोनों तरफ रन बटोरे। दूसरे छोर से हालांकि विराट कोहली :18: और रोहित शर्मा :33: ने क्रीज पर अच्छी तरह से पांव जमाने के बाद खराब शाट खेलकर अपने विकेट गंवाये।

कोहली ने अपनी जगह पर खड़े होकर गेंद को हवा में उछालना चाहा लेकिन वह लंबा शाट नहीं लगा पाये और गेंद कवर पर कैच में तब्दील हो गयी। रोहित ने स्टार्क की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर छक्का जमाया लेकिन हैरिस की गुडलेंथ गेंद को हवा में लहराकर पवेलियन लौटे। उन्होंने 41 गेंद खेली और एक चौका और एक छक्का लगाया। 
सुरेश रैना :38: ने आते ही चौके से शुरुआत की लेकिन गंभीर 88 रन पर मिले जीवनदान के बावजूद शतक से चूक गये। बायें हाथ के इस बल्लेबाज को मैकाय ने पगबाधा आउट किया। उनकी 111 गेंद की पारी में सात चौके और एक छक्का शामिल है। 
रैना ने बायें हाथ के स्पिनर जेवियर डोहर्टी पर छक्का जड़कर रन और गेंद का अंतर कम किया लेकिन इसी गेंदबाज की गेंद को लाइन में आये बिना आगे बढ़कर मारने के प्रयास में वह बोल्ड हो गये। रविंदर जडेजा :12: ने गेंद को सीमा रेखा पार पहुंचाने की कोशिश में कैच थमाया। आखिर में धोनी ने टीम को जीत दिलाकर भारतीयों की खुशी लौटायी। मैकाय ने 53 रन देकर तीन विकेट लिये। 
इससे पहले आस्ट्रेलिया को फोरेस्ट के रूप में नया स्टार मिला। उन्होंने और हसी ने चौथे विकेट के लिये 98 रन की साझेदारी करके तब टीम को शुरुआती झटकों से उबारने का बीड़ा उठाया जबकि आस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 18वें ओवर में तीन विकेट 81 रन पर गंवा दिये थे। 
भारत ने अंतिम दस ओवर में केवल 57 रन दिये। तीनों तेज गेंदबाजों जहीर खान :46 रन पर एक विकेट:, उमेश यादव :49 रन पर दो विकेट: और विनयकुमार :58 रन पर दो विकेट: ने अच्छी भूमिका निभायी। आस्ट्रेलिया को इसके अलावा तीन रन आउट का खामियाजा भी भुगतना पड़ा। 
फोरेस्ट ने स्पिनरों के सामने अपने फुटवर्क का अच्छा इस्तेमाल किया तथा 36वें ओवर में यादव की गेंद पर मिडविकेट पर कैच थमाने से पहले पांच चौके और दो छक्के लगाये। उन्होंने विनयकुमार पर विश्वसनीय स्क्वायर कट से शुरुआत की और रविचंद्रन अश्विन पर आफ साइड में लगातार दो चौके लगाये। जडेजा पर साइटस्क्रीन पर छक्का जड़ने के बाद फोरेस्ट ने रोहित की गेंद भी छह रन के लिये भेजी। 
हसी ने पांव जमाने में थोड़ा समय लगाया। उन्होंने 24वीं गेंद का सामना करते हुए पहला चौका लगाया लेकिन इसके बाद दो और चौके जड़े। अश्विन के इस ओवर में इस तरह से लगातार तीन बार गेंद ने सीमा रेखा के दर्शन किये। दायें हाथ के इस बल्लेबाज को स्लाग ओवरों में जहीर खान की गेंद पर सहवाग ने कैच किया। 
श्रीलंका के खिलाफ पर्थ में पिछले मैच में 32 रन बनाने वाले डेन क्रिस्टियन ने 48वें ओवर में बेवजह रन आउट होने से पहले 36 गेंद पर 39 रन बनाये। 
इससे पहले रिकी पोंटिंग पारी का आगाज करने के लिये उतरे लेकिन वह केवल छह रन बनाकर विनयकुमार की गेंद पर प्वाइंट पर कोहली को कैच दे बैठे थे। भारतीयों को तब बड़ी राहत मिली जब माइकल क्लार्क के साथ गफलत में डेविड वार्नर रन आउट हो गये। वार्नर ने 24 गेंद पर 18 रन बनाये। क्लार्क भी 43 गेंद पर पांच चौकों की मदद से 38 रन बना यादव की धीमी गेंद अपने विकेटों पर खेल गये थे।

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