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Monday, February 29, 2016

मिथाइल आइसोसाइनाइट जैसा निःशब्द कत्लेआम का इंतजाम यह बजट! डाउ कैमिकल्स के वकील अब समूचे देश को भोपाल गैस त्रासदी में बदलने लगे! पलाश विश्वास


मिथाइल आइसोसाइनाइट जैसा निःशब्द कत्लेआम का इंतजाम यह बजट!

डाउ कैमिकल्स के वकील अब समूचे देश को भोपाल गैस त्रासदी में बदलने लगे!

पलाश विश्वास

मुश्किल यह है कि डाइरेक्ट टैक्स कोड बजट में लागू करने के बाद प्रणव मुखर्जी के बजट को हमने पोटाशियम सायोनाइड कहकर बजट प्रक्रिया पर एक किताब इसी शीर्षक से लिखी थी,जो बहुत पढ़ी भी गयी।इसके अलावा देश भर में बजट विश्लेषण करते हुए हमने बजट को पोटाशियम सायोनाइड ही लिखा था।


डाउ कैमिकल्स के वकील जो अब समूचे देश को भोपाल गैस त्रासदी में बदल रहे हैं,तो इस बजट को मिथाइल आइसोसाइनाइट या मिक कहना चाहिए।


इसमें भी मुश्किल यह है कि आम जनता मिक से समझेगी नहीं।बेहतर है कि इसे हम मुक्त बाजार का जहरीला बजट बुलेट कहें।ऐसा बुलेट जो देशद्रोही हो या देश प्रेमी,हर भारतीय नागरिक को खेत बना देगा बिना भेदभाव का।


इसे समरसता भी कह सकते हैं।


इस बजट में गरीब ,गांव और किसान की बात कहकर भोपाल गैस त्रासदी की पुनरावृत्ति देशभर में करने की तैयारी है।


टीवी पर न जाने कैसे विशेषज्ञ,विश्लेषक और अर्थशास्त्री मोदी को अग्निपरीक्षा में सफल बताते हुए इस अमानवीय बजट को अभूतपूर्व बता रहे हैं,जिससे कारपोरेट इंडिया की भी हवा खराब है।


अर्थ व्यवस्था कोई जुमले का शोरबा है नहीं कि जुमले उछालने से बुलेट ट्रेन की तरह रफ्तार पकड़ लेगी अर्थव्यवस्था जबकि बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं।


जिन आंकड़ों के भरोसे धड़धड़ नंबर बांटे जा रहे हैं,वे उतने ही फर्जी हैं,जितने कि अच्छे दिनों के ख्वाबी पुलाव।इन आंकड़ो का लब्वोलुआब यहै है कि बजट में अमीरों पर कर का बोझ डाला गया है। एक करोड़ से ज्यादा आय वाले लोगों पर सरचार्ज 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है। डीजल कारें, ब्रैंडेड कपड़े और गहने मंहगे हो जाएंगे।


अमीरों पर कितना बोझ  और उन्हें कितनी और कैसी राहत इस पर कोई चर्चा हो नहीं रही है।किसानों के विकास के लिए 35984 करोड़ रुपए के मुकाबले कर माफी,कर छूट,टैक्स होली डे और मनोपाली,पीपीपी माडल के तहत कितने लाक लाक करोड़ का बंदरबांट हो रहा है,इसका लेखा जोखा कोई नहीं है।


अमीरों की काल खींचने का नाटक कुछ ऐसा हैः

छोटी कारें और अन्य वाहन अब महंगे हो जाएंगे। वित्त मंत्री अरण जेटली ने आज पेश वित्त वर्ष 2016-17 के बजट में विभिन्न प्रकार के वाहनों पर चार प्रतिशत तक का बुनियादी ढांचा उपकर (सेश) लगाने का प्रस्ताव किया है। सबसे अधिक बढ़ोतरी डीजल वाहनों पर होगी।


गौर करें कि सबसे अधिक बढ़ोतरी डीजल वाहनों पर होगी।


वित्त मंत्री ने पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी से चलने वाली छोटी कारों पर एक प्रतिशत का उपकर लगाने का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा कुछ निश्चित क्षमता की डीजल कारों पर 2.5 प्रतिशत तथा उच्च क्षमता वाले वाहनों व एसयूवी पर चार प्रतिशत उपकर लगाने का प्रस्ताव किया गया है।

इसके अलावा जेटली ने 10 लाख रुपये से अधिक कीमत की लग्जरी कारों तथा दो लाख रुपये से अधिक की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर एक प्रतिशत की दर से स्रोत पर कर लगाने का प्रस्ताव किया है।




तो दावा यह है कि गरीबों के लिए वित्त मंत्री ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की घोषणा की है।


मसलन गरीब बुजुर्गों को एक लाख तीस हजार का स्‍वास्‍थ्‍य बीमा, गरीब महिलाओं के नाम पर होगा एलपीजी कनेक्‍शन, गरीबों के लिए नई सुरक्षा बीमा योजना, गरीबों को रसाई गैस के लिए 200 करोड़, किसानों की आय पांच सालों में दोगुनी करना, परंपरागत खेती को लाभ की खेती बनाना, किसानों के विकास के लिए 35984 करोड़ रुपए, किसानों के लिए देश में 12 ई-पोर्टल खुलेंगे, मनरेगा के लिए 38500 करोड़ रुपए, गांवों में विद्युतिकरण के लिए 8500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।


इस बजट में जितना दिखाया गया है,उससे बहुत ज्यादा छुपाया गया है।बजट में चार चार एनेक्सर है।जिसका खुलासा आम जनता को कभी होने की उम्मीद नहीं है।पढ़े लिखे लोग भी बजट घोषणाओं से इतने ज्यादा उल्लास में हैं,जितना वे हिंदुत्व के जयघोष से हुआ करते हैं या मंकी बातों से जिन्हें वैदिकी ज्ञान मिलता रहता है और ज्ञानविज्ञान से इन देशप्रेमियों को कुछ लेना देना नहीं होता।


प्रणव मुखर्जी ने कर प्रणाली को सुधारने का जो बीड़ा उठाया,उसका आशय अभी लोग वैसे ही नहीं समझते हैं,जैसे विनिवेश,विनियमन और विनियंत्रण की ग्रीक त्रासदी समझ से बाहर है।


गांवों की तरफ तबाही का अश्वमेध इस बजय बुलेट भव्य राममंदिर अभियान है।भोपाल गैस त्रासदी के वक्त भी लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि मौत कितनी खामोश होती है।रुपरसगंध हीन निःशब्द मिथाइल आइसोसाइनाइट की तरह देश भर में आम लोगों के लिए यह हसीन मौत का दस्तक है।


मसलन इस बजट के मुताबिक प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों में 1060 करोड़ की कमी होगी जबकि अप्रत्यक्ष करों में 20,600 करोड़ का इजाफा हो जायेगा।


सीधा मतलब यह है कि राजस्व वसूली आम लोगों से होगी अप्रत्यक्ष कर सुनामी के मार्फत और कर सुधारों के तहत टैक्स चोरों को टैक्स होलीडे का चाकचौबंद इंतजाम।


मजे की बात है कि अप्रत्यक्ष करों में यह भारी इजाफा सेस की बदौलत होना है और यह वसूली आम जनता से होगी।


सबसे पहले यह समझ लें कि देश की अर्थव्यवस्था मेहनतकश बाजुओं के दम है।औद्योगिक या कृषि उत्पादन में वृद्धि का कोई नक्शा नहीं है,गांवों और किसानों के नाम सारा प्रसाद कारपोरेट के खाते में जा रहा है।निर्यात क्षेत्र में लगातर गिरावट है।सेवाक्षेत्र में ठहरा व बना हुआ है जो नवउदारवाद की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो या तो एफडीआई या फिर अमेरिका से होने वाले आउटसोर्सिंग पर निर्भर है।


हालत कितनी खराब होगी,इसका अंदेशा अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव परिदृश्य है,जहां जीत के क्रमशः प्रबल दावेदार बन रहे रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप ने मुसलमानों के लिए अमेरिका बंद के ऐलान के बाद भारत के लिए रोजगार बंद नारा दिया हुआ है।


बजट अनुदान के जो आंकड़े हैं,वे राजकोष की माली हालत और राजस्व प्रबंधन के दायरे में नहीं है।ज्यादातर रकम बाजार से बांड के जरिये वसूली जानी है।बांड चल गये तो अनुदान देने की हालत बनेगी।फिर ऐसे तमाम अनुदान में राज्यसरकारों की भागेदारी अनिवार्य है।उनका हिस्सा नहीं मिला तो घोषित प्रोजेक्ट भैंस गई पानी जैसा है।


अर्थव्यवस्था के विकास में कारपोरेट इंडिया का योगदान पंद्रह फीसद भी नहीं है।लेकिन सारी रियायतें उन्हींके लिए।इसपर मजा यह कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था जमींदोज हो जाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को तीन फीसद तक बनाये रखने के बहाने आम जनता पर अप्रत्यक्ष करों का पहाड़ जैसा बोझ,जिससे हर सेवा ,हर चीज मंहगी हो जानी है।


गौरतलब है कि मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा उम्मीद आय कर स्लैब में बदलाव को लेकर थी लेकिन वित्त मंत्री ने आय कर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है बल्कि सर्विस टैक्स में 0.5 फीसदी का इजाफा कर जोर का झटका दिया है। बजट में सर्विस टैक्स 14.5 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी कर दिया गया है। यानी सर्विस टैक्स से जुड़ी सभी सेवाएं महंगी हो जाएंगी। सर्विस टैक्स में 0.5 फीसदी का कृषि कल्याण कर लगाया गया है।    

यही नहीं,वित्त मंत्री अरूण जेटली ने 2016-17 के बजट में ईपीएफ तथा अन्य योजनाओं में सभी स्तरों पर छूट की पुरानी व्यवस्था में बदलाव लाते हुए एक अप्रैल 2016 के बाद किये गये योगदान पर अंतिम निकासी के समय 60 प्रतिशत योगदान पर सेवानिवत्ति कर लगाने का आज प्रस्ताव किया।  

   

फिलहाल कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा संचालित सामालिक सुरक्षा योजनाएं पूरी तरह कर छूट के दायरे में आती हैं। ये योजनाएं इग्जेम्प्ट-इग्जेम्प्ट-इग्जेम्प्ट (ईईई) के अंतर्गत आती हैं। यानी जमा, ब्याज तथा निकासी तीनों पर कर छूट का प्रावधान है।

   

विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाओं पर समान कर व्यवहार के इरादे से बजट में एक अप्रैल 2016 के बाद कर्मचारियों के मान्यता प्राप्त भविष्य निधि तथा सेवानिवत्ति कोष में जमा राशि में से 40 प्रतिशत तक की निकासी पर कोई कर नहीं लगेगा।

   

इसमें कहा गया है कि एक अप्रैल 2016 या उसके बाद सेवानिवत्ति योजनाओं में किये गये योगदान पर जमा राशि की निकासी 40 प्रतिशत के अलावा शेष पर कर लगेगा। धारा 80सीसीडी के मौजूदा प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से निकासी राशि पर कर लगता है।

पेंशन युक्त समाज की ओर बढ़ने की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा, पेंशन योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। मुक्षे विश्वास है कि परिभाषित लाभ और परिभाषित योगदान वाली पेंशन योजनाओं के मामले में कर व्यवहार समान होना चाहिए।



बहरहाल नरेंद्र मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन के लिए बजट में नौ हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में सोमवार को पेश वर्ष 2016-17 के अपने बजट में यह प्रस्ताव करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन विशेषकर ग्रामीण भारत में स्वच्छता और सफाई सुधारने का भारत का सबसे बड़ा अभियान है।


मजे की बात यह है कि यह स्वच्छता अभियान पूरीतौर पर खैरात बांटने जैसा आयोजन है,जिसके तहत पैसा कहां जाता है,इसका कोई हिसाब लेकिन वित्त मंत्रालय के पास होता नहीं है।


इसी तरह भुलावे के मुद्दे बहुतेरे हैं।

मसलनः

कम कीमत पर जेनेरिक दवा उपलब्ध कराने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि सरकार देश भर में 2016-17 में 3,000 जन औषधि स्टोर खोलेगी।

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों के इलाज के लिए सरकार एक नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना शुरू करेगी। इसमें  प्रति परिवार एक लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जायेगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में आम बजट 2016-17 पेश करते हुए इसकी घोषणा की है।


सरकार ने उर्वरक सब्सिडी भी अब सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाने की पहल की घोषणा की है। पायलट आधार पर देश के कुछ जिलों में इसकी शुरुआत की जाएगी।


वर्ष 2016-17 के बजट में आर्थिक वृद्धि की गति तेज करने के लिये बुनियादी ढांचे क्षेत्र पर काफी जोर दिया गया है। वर्ष के दौरान रेलवे और सड़क परियोजनाओं सहित विभिन्न ढांचागत योजनाओं के लिये 2.21 लाख करोड़ रुपए आवंटित किये गये हैं।


सारे नंबर इन्ही मुद्दों पर लिये दिये जा रहे हैं,जिन पर अमल कितना हो पायेगा और रुपया कहां से कहां पहुंचेगा,कुछ बताया नहीं जा सकता।



सर्विस टैक्स बढ़ने का सीधा असर आम आदमी के जन-जीवन पर होगा। सर्विस टैक्स बढ़ने से हर सेवा महंगी हो जाएगी। मसलन हवाई यात्रा, एटीएम से पैसे निकालना, रेस्तरां में खाना, फिल्म देखना, मोबाइल बिल, जिम, ब्यूटी पार्लर जाना और रेल टिकट भी महंगा होगा। महंगाई की मार बीमा पॉलिसी पर भी पड़ेगी। यही नहीं सर्विस टैक्स बढ़ने से सिगरेट, सिगार, गुटखा और पान मसाला महंगा हो जाएगा। बजट में छोटी-बड़ी सभी तरह की कारें भी महंगी कर दी गई हैं। ब्रांडेड कपड़ों को लेकर भी आपको अब ज्यादा कीमत चुकानी होगी।

वित्त मंत्री ने सलाना ढाई लाख रुपए की आमदनी को टैक्स के दायरे से बाहर रखा है। यानी सलाना ढाई लाख रुपए की आय करने वाले लोगों को आय कर नहीं देना होगा जबकि 2.5 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक की सालाना आमदनी पर 10 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। वहीं 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक की सालाना आमदनी पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपए से ज्यादा की सालाना आमदनी पर 30 फीसदी की दर से इनकम टैक्स लगाया जाता है। सीनियर सिटीजन को 3 लाख रुपए तक की सालाना आमदनी पर 10 फीसदी की दर से टैक्स देना होता है। जबकि महिलाओं को तीन लाख रुपए की सलाना आमदनी पर कोई आयकर नहीं देना होता है। महिलाओं को 3 लाख से पांच लाख रुपए तक 10 फीसदी, 5 लाख से 10 लाख रुपए तक- 20 फीसदी, 10 लाख रुपए से ऊपर 30 फीसदी आयकर देना होता है।



कोयला और बिजली के दाम बढ़ते जाने से मंहगाई बेइंतहा होने का अंदेशा है।खेती की लागत मिल नहीं रही।मनसैंटो और ठेका खेती के हरित क्रांति दूसरे चरण के बाद अब गांव के लोग बुनियादी जरुरतों औरसेवाओं को कैसे हासिल करेंगे इस थोंपी हुई मंहगाई में,इसकी फिक्र वातानुकूलित बुद्धिजीवियों को नहीं है।


2008 की मंदी के बाद उद्योग जगत को साढ़े तीन लाख करोड़ की राहत दी गयी थी।


अब रेट्रो टैक्स लागून न होने के ऐलान के बाद यह राहत सालाना तीन पांच लाख करोड़ के मुकाबले कुल कितनी बैठेगी,इसका हिसाब डाउ कैमिकल्स के वकील ने नहीं दी है।


बहरहाल बैकरप्ट कंपनियों को बाजार से निकलने के लिए पलायन का सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है ताकि वे बाजार से पैसा निकालकर किसी को भी भुगतान किये बिना विदेशी निवेशकों की तरह खुली लूट के लिए आजाद हो जाये।


चिटफंड कंपनियों पर अंकुश लगाने के लिए नया कानून बनाने के वायदे के साथ साथ,सेबी के कानून बदलने के भरोसे के साथ साथ देस की पूरी अर्थव्यवस्था को मकम्मल चिटफंड का कातिल कैसिनो बनाने का यह चाकचौबंद इंतजाम है।


 दूसरी तरफ, विदेशी व्यापार घाटा घटने का नाम ले नहीं रहा है।मुद्रास्फीति शून्य के दावे के बावजूद मंहगाई सुरसामुखी है और रुपये का मूल्य लगातार गिरता ही जा रहा है।अब तो लगता है कि फर्जी विकास दर की तरह वित्तीय घाटे का आंकड़ा भी फर्जी है।


बलिहारी जुमले बाजी की।यह तो भारत के आत्महत्या करते किसानों के चरणों में सर काटरकर अर्पण करने का संकल्प है।जबकि गरीबों को मध्यवर्ग से अलग खांचे में डालकर उन्हें हर तरह के कर रहात और सब्सिडी से वंचित करने का प्रावधान है और इसके लिए बाकायदा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए बुनियादी जरुरतों और सेवाओं को गैरकानूनी आधार कार्ड से जोड़ दिया वित्तमंत्री ने,जिसका राजनीतिक विरोध होने की संभावना शून्य है।कृषि संकट का हल बुनियादी ढांचे के नाम हाईवे की बेदखली और उसके जरिये प्रोमोटर बिल्डर राज है।


महज पांच सौ कोरड़ के आबंटन से बेरोजगार युवा हाथों को रोजगार के ख्वाब उतने ही अच्छे दिन हैं ,जितने सौ फीसद विनिर्माण एफडीआई के मार्फत भारत निर्माण का मिथकीय सच।


कृषि संकट का आलम जल जंगल जमीन से बेदखली का अनंत सिलसिला है।इंफास्ट्रक्चटर के नाम देशी विदेशी पूंजी के लिए खुल्ला मुनाफावसूली का प्रोमोटर बिल्डर माफिया राज और यही है गांवों के विकास का असली राज।भारत निर्माण के हवा हवाई दावों के बावजूद विनिर्माण की दिशा हाईवे तक सीमाबद्ध है।


बेदखल खेतों का मुआवजा अगर बाजार की दरों के मुताबिकमिल जाये,तभी मंकी बातों के मुताबिक किसानों की आय औचक दोगुणी हो सकती है और कोई दूसरी सूरत नहीं है।


गरीबों से मध्यवर्ग को अलग करने का तात्कालिक नतीजा यह हुआ है कि आयकर में नौकरी पेशा लोगों के लिए पांच लाख तक की आय में महज तीन हजार की छूट है। जिस मध्यमवर्ग के दम पर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और एनडीए सत्ता में आया, उसी मिडिल क्लास की उम्मीदों पर सरकार ने पानी फेर दिया है। आम बजट 2016-17 में मध्यम वर्ग को मामूली राहत दी गई है उसके बदले में उस पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया है। वित्त मंत्री ने हालांकि मिडिल क्लास को कुछ राहत देने की घोषणा की है। अगर आप 50 लाख तक का मकान खरीदते हैं तो आपको 50 हजार रुपए की अतिरिक्त छूट मिलेगी। हालांकि यह पहली बार मकान खरीदने वालों के लिए ही होगी।


रस्मी तौर पर महिलाओं को जो विशेष छूट दी जाती रही है,वह भी सिरे से गायब है।


मल्टी ब्रांड खुदरा बाजार में सौ फीसदी एफडीआई से कारोबारी शहरी और कस्बाई लोगों की शामत अलग आने वाली है।

दूसरी तरफ सबकुछ ओएलएक्स पर बेच देने की हड़बड़ी में विनिवेश लक्ष्य करीब 56 हजार करोड़ का बताया जा रहा है।


कर विवाद निपटारे के बहाने,करों को सरल बनाने के बहाने पहले ही कारपोरेट और वेल्थ टैक्स में भारी रियायतें दी जा चुकी है।


बड़ी कंपनियों को दी गयी राहतों को छुपाने के लिए कुछ चिप्पियां जरुर लगायी गयी है।


गौरतलब है कि गांवों,किसानों और गरीबों की भलाई के लिए तीन साल तक नई स्ट्राट अप कंपनियों को टैक्समाफी है औरयह रकम कुल कितनी होगी, यानी कितने लाख करोड़,इसका खुलासा नहीं हुआ है।


इसीतरह बनियों की पार्टी का बिजनेस फ्रेंडली गवर्नेंस का चरमोत्कर्ष मल्टी ब्रांड खुदरा बाजार में सौ फीसदी  एफडीआई जो है सो है,ई कामर्स के लिए दी जा रही इफरात छूट का भी कोई आंकड़ा नहीं है।


इस कारपोरेट कार्निवाल के मुकाबले अब कृषि पर सरकारी घोषणाओं का मतलभ भी समझ लें।


टैक्स फोरगान के आंकड़े अब होंगे नहीं और आम जनता को पता ही नहीं चलेगा की उनकी गरदन चाक करके उनकी जेबों से पैसे निकालकर कुल कितने लाख करोड़ का उपहार पूंजी के हवाले है।


दलितों और अंबेडकर के नाम मगरमच्छ आंसू के मतलब रोहित वेमुला का संस्तागत हत्या के बाद भी जो  लगो समझ नहीं रहे हैं,वे अनुसूचित जातियों,जनजातियों और अल्पसंख्यकों के खाते में दिये जाने वाले अनुदान में कटौती का हिसाब नहीं मांगेंगे,जाहिर है।


मनुस्मृति राजकाज में भारत में ज्ञान विज्ञान के सारे दरवाजे बंद हैं और वैदिकी आयुर्वेदिक विशुध रामराज्य में उच्च शिक्षा और शोध का कोई मतलब भी नहीं है क्योंकि डिजिटल इंडिया में कारीगरी दक्षता की बदौलत बारहवीं पास करने के बाद बिना श्रम कानून,ठेके पर बंधुआ मजदूरी का रोजगार सृजन सिलसिला है।इसलिए उच्चशिक्षा के लिए लिए हजारेक करोड़ का प्रावधान भी जियादा है।महिलाओं और बच्चों के लिए मनुस्मृति राज में अलग से सोचने की जरुरत ही नहीं है।तो सामाजिक योजनाओं का हाल न ही पूछें।


गौरतलब है कि विशेषज्ञों ने सरकार के अप्रत्यक्ष कर संग्रहण के 20,600 करोड़ रुपये के ऊंचे लक्ष्य पर संदेह जताते हुए कहा है कि पूर्व में भी इसे हासिल नहीं किया जा सका है।


खेतान एंड कंपनी के दिनेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का अप्रत्यक्ष करों से अतिरिक्त राजस्व जुटाने का प्रयास संभवत: पूरा नहीं हो पाएगा। विशेष रूप से आभूषण और परिधान क्षेत्रों से। बजट 2016-17 में आभूषण और ब्रांडेड परिधानों पर उत्पाद शुल्क की दरों में क्रमश: एक और दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में इन उत्पादों पर शुल्क लगाने के प्रयास सफल नहीं हुए हैं।

इसके अलावा तंबाकू उत्पादों, एसयूवी और 10 लाख रुपये से अधिक की लग्जरी कारों पर भी उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया है। केपीएमजी इंडिया के गिरीश वनवारी ने कहा कि कराधान के मोर्चे पर कुछ नया नहीं किया गया है, वित्त मंत्री अरुण जेटली कुछ अधिक कर सकते थे। वनवारी ने एक नोट में कहा, 'सूचीबद्ध शेयरों पर पूंजीगत लाभ कर में बदलाव नहीं होना शेयर बाजारों के लिए सकारात्मक है। हालांकि, 10 लाख रुपये से अधिक लाभांश पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त कर और विकल्प पर शेयर लेनदेन कर में बढ़ोतरी बाजार के लिए प्रतिकूल होगी।'

कर मुकदमों को समाप्त करने के प्रस्ताव पर खेतान एंड कंपनी के संजीव सांघवी ने कहा, 'कुल मिलाकर यह अच्छा बजट है। सरकार के मेक इन इंडिया अभियान के अनुरूप यह वृद्धि को प्रोत्साहन देने वाला और कर विवादों व अनुपालन बोझ को कम करने पर केंद्रित बजट है। अपील के निपटान तक विवादित कर मांग में करदाताओं के लिए 15 प्रतिशत के भुगतान पर रोक की योजना के बारे में उन्होंने कहा कि इससे करदाताओं की दिक्कतों को कम करने में मदद मिलेगी। घरेलू काले धन के मुद्दे को हल करने की योजना भी एक अन्य उल्लेखनीय कर प्रस्ताव है।

केपीएमजी के नवीन अग्रवाल ने कहा कि बजट कर सरलीकरण ईश्वर समिति की रिपोर्ट के अनुरूप है। करदाताओं के लिए अनुमान पर आधारित कराधान योजना के लिए सालाना कारोबार की सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये किया गया है, जो स्वागतयोग्य पहल है।



बहरहाल  वित्त मंत्री अरुण जेटली शनिवार को ओर से लोकसभा में प्रस्तुत आम बजट के मुख्य इस प्रकार हैं :

- इस साल इनकम टैक्‍स की छूट की सीमा नहीं बढ़ेगी।

-इनकम टैक्‍स छूट सीमा में कोई बदलाव नहीं, पुराना टैक्‍स स्‍लैब ही लागू होगा।  

-कॉरपोरेट टैक्‍स दर को अगले 4 साल में घटाकर 30 फीसदी से 25 फीसदी किया जाएगा।

-एक करोड़ से ज्‍यादा आय वालों पर दो फीसदी अतिरिक्‍त टैक्‍स लगाया जाएगा।

-वेल्‍थ टैक्‍स खत्‍म, सुपर रिच कैटेगरी पर लगेगा दो फीसदी सरचार्ज।

- कर छूटों को युक्तिसंगत बनाया जाएगा।

-सर्विस टैक्‍स में बढ़ोतरी, तकरीबन हर चीज होगी महंगी।

- हेल्‍थ इंश्‍योरेंस में छूट सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25000 रुपये की गई।

- पेंशन फंड पर छूट सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई।

- वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए हेल्‍थ इंश्‍योरेंस 20000 से बढ़ाकर 30000 करोड़ रुपये किया गया।

- यात्रा भत्‍ता की टैक्‍स छूट सीमा 800 रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये की गई।


- एक लाख से ज्‍यादा की खरीद पर पैन नंबर बताना जरूरी होगा।

-2016 से लागू किया जाएगा जीएसटी।

- रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पर जोर।

- शहरी आवास के लिए 22407 करोड़ रुपये का प्रावधान।

- विदेश में कालाधन छिपाने पर सात साल की सजा।

- कालेधन के दोषियों को दस साल की सजा।

- कालेधन रखने वालों पर सरकार का बडा ऐलान।  

- बेनामी संपत्तियों को जब्‍त करने पर कानून बनेगा।

- कॉरपोरेट टैक्‍स दर को अगले 4 साल में घटाकर 30 फीसदी से 25 फीसदी किया जाएगा।

- रक्षा क्षेत्र के लिए 2.46 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।

- नमामि गंगे के लिए 4173 करोड़ रुपये का प्रावधान।

- बिहार और पश्चिम बंगाल को आंध्र प्रदेश जैसी ही मदद दी जाएगी।

- आईएसएम धनबाद को आईआईटी का दर्जा देंगे।

- 20000 गांवों में सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्‍य।

- 80000 सीनियर सेंकेडरी स्‍कूल खोलने का लक्ष्‍य।

-कालाधन रोकने के लिए कैश ट्रांजेक्‍शन को बढ़ावा।

- वीजा ऑन अरावइल में 150 देशों को शामिल करेंगे।

- विदेशी निवेश के नियम सरल बनाएंगे।

- गोल्‍ड अकाउंट खोलने की योजना और बदले में ब्‍याज मिलेगा।

- राष्‍ट्रीय स्किल मिशन योजना की शुरुआत।

- पीएम विद्या लक्ष्‍मी योजना में छात्रों को एजुकेशन लोन। गरीब छात्रों को मिलेगा कर्ज।  

- बिहार में एम्‍स जैसे नए संस्‍थान बनाने का प्रस्‍ताव।

- जेएंडके, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल, असम में नए एम्‍स बनाए जाएंगे।

- कर्नाटक में आईआईटी खोला जाएगा।

- विदेशी निवेश को सरल बनाया जाएगा।

-कृषि सिंचाई योजना में तीन हजार करोड़ रुपये बढ़ाएंगे।

- अगले साल से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होंगी।

- फेमा नियमों में बदलाव का प्रस्‍ताव।

- मनरेगा में पांच हजारा करोड़ रुपये की राशि बढ़ेगी।

- सेबी और एफएमसी का विलय किया जाएगा।

- डायरेक्‍ट टैक्‍स प्रणाली लागू किया जाएगा।

- कर्मचारियों को ईपीएफ या पेंशन स्‍कीम चुनने का विकल्‍प दिया जाएगा।

- ईपीएफ या पेंशन स्‍कीम को लागू किया जाएगा।

- नकद लेन देन को कम करने के लिए डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्‍तेमाल बढ़ाया जाएगा।

- गोल्‍ड अकाउंट खोलने की योजना से ब्‍याज मिलेगा।

- विदेशी सोने की सिक्‍कों की जगह देशी सोने की सिक्‍कों का चलन बढ़ेगा।

- 4000 मेगावाट के 5 अल्‍ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्‍ट शुरू होंगे।

-टैक्‍स फ्री इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर बॉन्‍ड का ऐलान1  

- विदेशी मुद्रा भंडार 340 बिलियन डॉलर

- सरकार ने बढ़ाया निवेश का माहौल

- चालू खाते का घाटा 1.3 फीसदी से कम रहने की उम्मीद

- सरकार की तीन बड़ी उपलब्धियां- 1. जन-धन योजना 2. पारदर्शी कोल ब्लाक नीलामी 3.स्वच्छ भारत अभियान

- 50 लाख शौचालय का निर्माण हो चुका है

- हमारा लक्ष्य 6 करोड़ शौचालय बनाने का

- सब्सिडी पहुंचाने के लिए JAM का उपयोग

- सभी योजनाएं गरीबी केंद्रित होनी चाहिए

- 2022 तक 2 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य

- 2015-16 में 8 फीसदी विकास दर का लक्ष्य

- प्रधानमंत्री बीमा योजना लागू होगी।

- 2020 तक सभी गांवों तक बिजली पहुंचाएंगे।

- 2022 तक गरीबी उन्‍मूलन का लक्ष्‍य।

- 2022 तक दो करोड़ घर को पूरा करने का लक्ष्‍य।

- हर गांव को संचार नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश

- एक लाख किलोमीटर तक सड़क बनाने का लक्ष्‍य।

-निर्भया कोष में अतिरिक्‍त 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान।

- सब्सिडी के लिए जेएएम आधार बनेगा।

- समावेशी विकास के लिए पूर्वोत्‍तर राज्‍यों पर जोर।

- मोदी सरकार के लिए जन धन योजना बड़ी उपलब्धि।

- 5300 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के लिए आवंटित

- 250000 करोड़ रुपये किसानों को नाबार्ड के गठित फंड के जरिये मिलेंगे।

- उच्‍च आय वर्ग वाले लोग एलपीजी सुविधा न लें।

-मनरेगा के लिए 34600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

- 15000 करोड़ रुपये आरईबी योजना में लागू होगा।  

- गांववालों को कर्ज देने के लिए पोस्‍ट ऑफिस का सहरा लिया जाएगा।

- पीएम बीमा योजना के तहत हर नागरिक को बीमा

- 12 रुपये प्रीमियम पर हर साल दो लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा

- पीएम बीमा योजना शुरू करने का ऐलान

- जीडीपी 7.4 फीसदी रहने का अनुमान

- अल्‍पसंख्‍यक युवाओं की शिक्षा के लिए नई मंजिल योजना लॉन्‍च योजना करेंगे

- अटल पेंशन योजना शुरू की जाएगी, इसके तहत 60 साल के बाद पेंशन मिलेगी। 1000 रुपये सरकार देगी और 1000 रुपये दावेदार देंगे।

- बीपीएल बुजुर्गों के लिए पीएम बीमा योजना।

- जन धन योजना में दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा मिलेगा।

-जन धन योजना के तहत पेंशन भी मिलेगी।

-जन धन योजना से डाकघरों को जोड़ने का प्‍लान।

-अगले वित्त वर्ष से चार वर्षो में कारपोरेट कर को 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।

-बचत सुगम बनाने के लिए करदाता को व्यक्तिगत छूट जारी करेगी।

-कालेधन के सृजन और उसे छिपाने के कृत्य से प्रभावी और कठोरतापूर्वक निपटा जाएगा।

-इस मामले में स्विस अधिकारियों के साथ बातचीत के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।

-कालेधन पर महत्वपूर्ण नए कानून।

- देश में विनिर्माण इकाईयों का विकास और निवेश तथा संवर्धन उपलब्ध कराना ताकि उनमें रोजगार सृजन हो सके।

-एंबुलेंस के चेसिस पर उत्पाद शुल्क को 24 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत किया गया।

- कर प्रक्रियाओं का सरलीकरण।

- वार्षिक रूप से एक करोड़ से अधिक कर योग्य आय वाले लोगों पर 2 प्रतिशत का अतिक्त अधिभार।

-घरेलू अंतरण मूल्य निर्धारण की प्रारंभिक सीमा पांच करोड़ रुपए से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए की गई।

-नशीले पदार्थो के दुरुपयोग के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय निधि में किया गया अनुदान आयकर अधिनियम की धारा 80जी के अंतर्गत 100 प्रतिशत छूट।

-स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि में सीएसआर में अंशदानों के लिए 100 प्रतिशत की कर छूट।

-स्वच्छ पर्यावरण पहलों के लिए वित्त पोषण के लिए कोयला आदि पर स्वच्छ ऊर्जा उप कर को 100 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए प्रति मीट्रिक टन किया गया।

-नौ महीनों में देश कामयाबी की छलांग लगाते हुए 7.4 प्रतिशत के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद के साथ अब नई श्रृंखला में विश्व की सबसे तेजी से उभरने वाली अर्थवस्था के रुप में सामने आया है।

-विद्युत चालित वाहनों और हाई ब्रिड वाहनों पर लागू रियायती सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क की समय सीमा 31 मार्च 2016 तक बढ़ाई गई।

-स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम की छूट सीमा को 15 हजार रुपए से 25 हजार रुपए तक, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए 20,000 से 30,000 हजार रूपये तक किया गया।

-80 वर्ष से अधिक की आयु वाले वरिष्ठ नागरिक जो स्वास्थ्य बीमा में कवर नहीं है, उन्हें चिकित्सीय व्यय के लिए 30 हजार रुपए की कटौती की अनुमति दी गई।

-विकलांग व्यक्तियों के लिए 25 हजार रुपए की अतिरिक्त कटौती। पेंशन निधि और नई पेंशन स्कीम में अंशदान के लिए 50 हजार रुपए की अतिरिक्त छूट।

-कृषि उत्पाद की ढुलाई में सेवाकर से छूट जारी रहेगी।

-कृत्रिम ह्रदय को 5 प्रतिशत के बुनियादी सीमा शुल्क और सी वी डी से छूट।

-केवल 12 रूपये प्रतिवर्ष के प्रीमियम पर 2 लाख रुपए के दुर्घटना जन्य मृत्यु जोखिम को कवर करने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना।

-पीपी एफ में लगभग 3 हजार करोड़ रुपए कर्मचारी भविष्यनिधि की संचित राशि में अनुमानत: 6 हजार करोड़ रुपए की अदावाकृत जमा राशि।

-सड़कों और रेल मार्गों के लिए परिव्यय में तीव्र वृद्धि।

-20,000 करोड़ रुपए के वार्षिक प्रवाह से राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना निधि की स्थापना की जाएगी।

-प्लग और प्ले मोड में 4000.4000 मेगावाट क्षमता वाली 5 नई अल्ट्रा मेगा विद्युत परियोजनाएं।

-सोना खरीदने के लिए विकल्प के तौर पर सरकारी स्वर्ण बाण्ड स्कीम बनाना।

-भारतीय सोने के सिक्के बनाने की दिशा में कार्य करना, जिसके अग्र भाग में अशोक चक्र होगा।

-निर्भया निधि के लिए 1000 करोड़ रुपए।

-आगमन पर वीजा सुविधा का विस्तार चरणबद्ध तरीके से 150 देशों तक करना।

-नवीकरणीय उर्जा क्षमता को 2022 तक बढ़ाकर 1,75,000 मेगावाट तक करने का लक्ष्य।

-आंध्र प्रदेश की तरह बिहार और पश्चिम बंगाल में विशेष सहायता उपलब्ध कराई।

-जम्मू-कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और असम में नए एम्स की स्थापना, बिहार में एम्स जैसे दूसरे संस्थान की स्थापना।

-वित्त वर्ष के लिए आयोजा भिन्न व्यय 13,12,200 करोड़ रुपए अनुमानित।

-आयोजना व्यय 4,65,277 करोड़ रुपए अनुमानित है।

-कुल व्यय 17,77,477 करोड़ रुपए अनुमानित है।

-रक्षा, आंतरिक सुरक्षा व्यय और अन्य आवश्यक व्यय की आवश्कता की पर्याप्त पूर्ति का प्रावधान किया गया।

-सकल कर प्राप्तियां 14,49,490 करोड़ रुपए अनुमानित है।

-राज्यों को अंतरण 5,23,958 करोड़ रुपए अनुमानित है।

-केन्द्र सरकार का हिस्सा 9,19,842 करोड़ रुपए होगा।

-आगामी वित्त वर्ष के लिए कर-भिन्न राजस्व 2,21,733 करोड़ रुपए अनुमानित है।

-प्रति बूंद जल से अधिक फसल प्राप्त करने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना।

-वर्ष 2015-16 के लिए आठ दशमलव पांच लाख करोड़ रुपए का कृषि ऋण लक्ष्य।

-ऋण देने में अंतरजातीय और अंतर जन जातीय उद्यमों को वरीयता।

-गांवों में फैले 1,54,000 उपस्थित केंद्रों वाले डाक नेटवर्क का सामान्य वित्तीय प्रणाली तक लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाएगा।

-आजीविका के लिए परिवार के कम से कम एक सदस्य को रोजगार।

-गरीबी उन्मूलन पर ध्यान केंद्रीत करने का लक्ष्य । मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से भारत को विश्व के विनिर्माण केंद्र में परिवर्तित करना।

-युवाओं को रोजगार सृजन बनाने के लिए उद्यमिता की भावना का प्रोत्साहन और विकास।

-पूर्व और पूर्वोत्तर क्षेत्रों का देश के अन्य भागों की तरह ही विकास कारना।

-सरकार सकल घरेलू उत्पाद की तीन प्रतिशत की दर पर राजकोषीय घाटा लक्ष्य हासिल करने के लिए कृतसंकल्प है।

-लाभार्थियों की संख्या एक करोड से बढ़ाकर 10 दशमलव 3 करोड़ के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का विस्तार।

-कृषि उत्पादन के लिए दो महत्वपूर्ण निर्णायक कारकों मृदा और जल से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

-परंपरागत कृषि विकास योजना को पूरी तरह से सहायता प्रदान की जाएगी।

-पिछले नौ माह में भारतीय अर्थव्यवस्था की साख बढ़ी।

-भारतीय अर्थव्यवस्था तीव्र विकास के पथ पर।

-कमजोर वैश्विक आर्थिक वृद्धि के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के अधिकांश विकास संकेतक उन्नति के मार्ग पर।

-भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में आर्थिक रूप से सशक्त राज्यों की समान रूप से सहभागिता।

-शेयर बाजार में 2014 में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।

-दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और दोहरे अंकों की विश्वसनीय आर्थिक विकास दर हासिल की गई।

-विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर सेवा के माध्यम से सरकार ने जनता का विश्वास हासिल किया।

-वित्तीय समायोजन- सौ दिनों के भीतर 12.5 करोड़ परिवारों को वित्तीय मुख्य धारा में शामिल गया।

-राज्यों के संसाधनों में वृद्धि के लिए पारदर्शी कोयला ब्लॉक नीलामी।

-स्वच्छ भारत अभियान न सिर्फ स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार का एक कार्यक्रम है बल्कि यह भारत के पुनर्निमाण आंदोलन का रूप ले चुका है।

-व्यापक सुधारों का शुभारंभ- माल और सेवाकर जीएसटी मुद्रा स्फीति में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई।

-वर्ष के अंत तक 5 प्रतिशत खुदरा मुद्रस्फीति। मौद्रिक नीति को सरल बनाया।

-मुद्रास्फीति को 6 प्रतिशत से कम रखने की दृष्टि से भारतीय रिजर्व के साथ मौद्रिक नीति प्रारूप समझैता।

-वर्ष 2022 में स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ अमृत महोत्सव, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में टीम इंडिया हेतु दृष्टिकोण सभी के लिए आवास- शहरी क्षेत्रों में 2 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में 4 करोड़ आवास।

-24 घंटे बिजली, स्वच्छ पेयजल, एक शौचालय सड़क संपर्क की मूलभूत सुविधा।


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Mrs. Smriti ji Irani, तुसी great हो जी! अपने एजेंडे पर जमे रहिये. अभी पश्चिम यूपी के देहाती इलाकों से लौटा. वहां गजब का असर डाला है आपने. मायावती जी को क्या हड़काया आपने? बिल्कुल, इतिहास दुहराया आपने ! यहां गांवों में रुक-रुक कर लोगों से पूछता रहा. बहुजन लंबे समय बाद इतना लामबंद दिखा. सबने एक स्वर में कहा: रोहित वेमुला की लड़ाई यूपी में लड़ेंगे. आपका एक-वाक्य लोगों ने याद रखा है. इन लोगों ने बताया, Jnu में जो लड़के आपकी सरकार के निशाने पर हैं, उनमें कन्हैया के अलावा सभी बहुजन समाज से हैं. आप लोगों ने ऐसा माहौल बना दिया है कि अब दलित देशद्रोही हैं, पिछड़े देशद्रोही हैं. आदिवासी और अल्पसंख्यक तो बहुत पहले से देशद्रोही हैं. और सवण॓ समाज से आये कन्हैया जैसे तरक्कीपसंद भी देशद्रोही हैं. ये सारे 'देशद्रोही' २०१४ की 'अपनी गलती' का प्रायश्चित करते नजर आ रहे हैं. इनमें कइयों ने तब अच्छी सरकार के लिये आपकी पाटी॓ को वोट किया था.


Mrs. Smriti ji Irani, तुसी great हो जी! अपने एजेंडे पर जमे रहिये. अभी पश्चिम यूपी के देहाती इलाकों से लौटा. वहां गजब का असर डाला है आपने. मायावती जी को क्या हड़काया आपने? बिल्कुल, इतिहास दुहराया आपने ! यहां गांवों में रुक-रुक कर लोगों से पूछता रहा. बहुजन लंबे समय बाद इतना लामबंद दिखा. सबने एक स्वर में कहा: रोहित वेमुला की लड़ाई यूपी में लड़ेंगे. आपका एक-वाक्य लोगों ने याद रखा है. इन लोगों ने बताया, Jnu में जो लड़के आपकी सरकार के निशाने पर हैं, उनमें कन्हैया के अलावा सभी बहुजन समाज से हैं. आप लोगों ने ऐसा माहौल बना दिया है कि अब दलित देशद्रोही हैं, पिछड़े देशद्रोही हैं. आदिवासी और अल्पसंख्यक तो बहुत पहले से देशद्रोही हैं. और सवण॓ समाज से आये कन्हैया जैसे तरक्कीपसंद भी देशद्रोही हैं. ये सारे 'देशद्रोही' २०१४ की 'अपनी गलती' का प्रायश्चित करते नजर आ रहे हैं. इनमें कइयों ने तब अच्छी सरकार के लिये आपकी पाटी॓ को वोट किया था.

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Withdraw Sedition Case



February 29, 2016



Press Statement





The Polit Bureau of the Communist Party of India (Marxist) has issued the
following statement:



Withdraw Sedition Case





The Polit Bureau of the CPI(M) condemns the registering of a case of
sedition against Sitaram Yechury, General Secretary of the CPI(M), and other
leaders of opposition parties, in Hyderabad. The FIR has been lodged by the
police ostensibly because these leaders had extended support to the students
of JNU who are protesting against the arrest on sedition case of leaders of
the students union and other student organisations.



The manner in which the sedition clause is being used in this case
underlines the necessity to scrap the sedition clause 124A in the Indian
Penal Code. The CPI(M) demands the withdrawal of the cases against the
opposition leaders and all others named in the FIR.



The Polit Bureau warns the central government to desist from actions which
suppress democratic rights and freedoms in the country by branding dissent
and opposition as "anti-national".











(Hari Singh Kang)

For CPI(M) Central Committee Office
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मोबाइल से जुडी कई ऐसी बातें जिनके बारे में हमें जानकारी नहीं होती लेकिन मुसीबत के वक्त यह मददगार साबित होती है

¶मोबाइल से जुडी कई ऐसी बातें जिनके बारे में हमें जानकारी नहीं होती लेकिन मुसीबत के वक्त यह मददगार साबित होती है ।

इमरजेंसी नंबर ---

दुनिया भर में मोबाइल का इमरजेंसी नंबर 112 है । अगर आप मोबाइल की कवरेज एरिया से बाहर हैं
तो 112 नंबर द्वारा आप उस क्षेत्र के नेटवर्क को सर्च कर लें। ख़ास बात यह है कि यह नंबर तब भी काम करता है जब आपका की पैड लौक हो।

जान अभी बाकी है---

मोबाइल जब बैटरी लो दिखाए और उस दौरान जरूरी कॉल करनी हो, ऐसे में आप *3370# डायल करें । आपका मोबाइल फिर से चालू हो जायेगा और आपका सेलफोन बैटरी में 50 प्रतिशत का इजाफा दिखायेगा। मोबाइल का यह रिजर्व दोबारा चार्ज हो जायेगा जब आप अगली बार मोबाइल को हमेशा की तरह चार्ज करेंगे।

मोबाइल चोरी होने पर---

मोबाइल फोन चोरी होने की स्थिति में सबसे पहले जरूरत होती है, फोन को निष्क्रिय करने की ताकि चोर उसका दुरुपयोग न कर सके । अपने फोन के सीरियल नंबर को चेक करने के लिए *#06# दबाएँ । इसे दबाते ही आपकी स्क्रीन पर 15 डिजिट का कोड नंबर आयेगा। इसे नोट कर लें और किसी सुरक्षित स्थान पर रखें। जब आपका फोन खो जाए उस दौरान अपने सर्विस प्रोवाइडर को ये कोड देंगे तो वह आपके हैण्ड सेट को ब्लोक कर देगा।

कार की चाभी खोने पर ---

अगर आपकी कार की रिमोट की लेस इंट्री है। और गलती से आपकी चाभी कार में बंद रह गयी है। और दूसरी चाभी घर पर है। तो आपका मोबाइल काम आ सकता है। घर में किसी व्यक्ति के मोबाइल फोन पर कॉल करें। घर में बैठे व्यक्ति से कहें कि वह अपने मोबाइल को होल्ड रखकर कार की चाभी के पास ले जाएँ और चाभी के अनलॉक बटन को दबाये। साथ ही आप अपने मोबाइल फोन को कार के दरवाजे के पास रखें....। दरवाजा खुल जायेगा।

है न विचित्र किन्तु सत्य......!!!

अधिक से अधिक शेयर करें।
एंड्राइड मोबाइल यूजर के काम के कोड
1. Phone Information, Usage and Battery – *#*#4636#*#*

2. IMEI Number – *#06#

3. Enter Service Menu On Newer Phones – *#0*#

4. Detailed Camera Information –*#*#34971539#*#*

5. Backup All Media Files –*#*#273282*255*663282*#*#*

6. Wireless LAN Test –*#*#232339#*#*

7. Enable Test Mode for Service –*#*#197328640#*#*

8. Back-light Test – *#*#0842#*#*

9. Test the Touchscreen –*#*#2664#*#*

10. Vibration Test –*#*#0842#*#*

11. FTA Software Version –*#*#1111#*#*

12. Complete Software and Hardware Info –*#12580*369#

13. Diagnostic Configuration –*#9090#

14. USB Logging Control –*#872564#

15. System Dump Mode –*#9900#

16. HSDPA/HSUPA Control Menu –*#301279#

17. View Phone Lock Status –*#7465625#

18. Reset the Data Partition to Factory State – *#*#7780#*#*

बड़े काम के कोड है इसलिए शेयर करे और दुसरो को भी बताये !


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मित्रों,सामाजिक व पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिएभारत डोगरा जी के बारे में एक अत्यावश्यक सूचना

मित्रों,सामाजिक व पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिएभारत डोगरा जी के बारे में  एक अत्यावश्यक सूचना

पलाश विश्वास

भारत और तीसरी दुनिया में पर्यावरण चेतना,चिपको और पर्यावरण आंदोलन में आदरणीय सुंदरलाल बहुगुणा और अनिल अग्रवाल जी के साथ जिन भारत डोगरा जी को हम सत्तर के दशक से जानते रहे हैं,वे इन दिनों हिमाचल में हैं,जहां उनकी पत्नी मधुजी हाल में एक बड़ी सड़क दुर्घटना के चपेट में आ गयीं।
जाहिर सी बात है के वे दोनों हमसे उम्र में बहुत बड़े हैं।

कल रात हमने भारत जी से लंबे अरसे बाद बात की तो पता चला कि मधुजी सुरक्षित हैं लेकिन दो तीन फ्रैक्चर हो जाने की वजह से उन्हें रिकवर होने में दो से लेकर तीन महीने तक का वक्त लगेगा।
जिन्हें इस दुर्घटना के बारे में मालूम नहीं है और जो भारत जी को जानते हैं,उनके लिए यह सूचना है।जिन्हें यह खबर मिल चुकी है,उनके लिए सूचना है कि खतरा चल चुका है और जल्द ही मधुजी सही सलामत भारत जी के सात नई दिल्ली लौट आयेंगी।
कल हमने उनसे पूछा था कि कसौली में जहां वे ठहरे है,क्या हम उनसे मिलने आ सकते हैं तो उन्होंने बताया कि यह उनका घर नही है।यह उनकी बेटी का स्कूल है।इसलिए वे स्कूल के मद्देनजर वहां किसी से मिल नहीं सकते।
इसीलिए हम उनका नंबर भी शेयर नहीं कर सकते।
हम उनकी सेहत और सक्रियता के लिए इस दुस्समय में कामना ही कर सकते हैं।
bharat-dogra

Bharat Dogra

Bharat Dogra is a freelance journalist, author, researcher, activist, all clubbed into one.

Dogra has contributed about 6,000 articles and reports in English and Hindi in various newspapers and journals, mainly on development, environment, human rights and social reform issues. He has also published nearly 250 books and booklets on topics of his interest.


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Sunday, February 28, 2016

क्या मनुस्मृति की निंदा काफी है,उनका क्या करें जो सेकुलर हैं और बेटियों को बख्श नहीं रहे हैं?#Absolute Regime selects its People #Guillotine waits for others #Defend your daughters to be raped if you can #Daughters hide your faces if you can #Shutter down all doors and windows lest light might eneter the Hell losing that Hindutva turns out #Watch Bardwan scenario where goons all those doors whereingirl students live and threatened that they should stop studies lest the might be raped! #JNU breaks Manusmriti because it cries equality so Shut Down JNU # JNU breaks Manusmriti because it cries justice so Shut Down JNU #JNU breaks Manusmriti because it empowers girls sashing the Sati Rule of Hindutva so Shut Down JNU Thus,JNU row: Rahul, Kejriwal, Yechury, D Raja among 9 booked for sedition!

Every other Indian is deshdrohi because every other Indian stands with JNU!That is why,no wonder,JNU row: Rahul, Kejriwal, Yechury, D Raja among 9 booked for sedition!

Sedition is the latest theme song for Manusmriti regime.Just speak out against the hegemony,just dare to lodge your dissent,just speak conscience,they would not spare you!

Absolute power unprecedented!

#Shutter Down JNU

#Shutter Down Jadavpur

#Shutter Down All Universities!

#Shutter down all Institutes!

#Invoke the KaalRatri

#Never cry freedom

#Never Cry Equality

#Never cry Justice

#Absolute Regime selects its People

#Guillotine waits for others

#Defend your daughters to be raped if you can

#Daughters hide your faces if you can

#Shutter down all doors and windows lest light might eneter the Hell losing that Hindutva turns out

#Watch Bardwan scenario where goons all those doors whereingirl students live and threatened that they should stop studies lest the might be raped!

#JNU breaks Manusmriti because it cries equality so Shut Down JNU

JNU breaks Manusmriti because it cries justice so Shut Down JNU

#JNU breaks Manusmriti because it empowers girls sashing the Sati Rule of Hindutva so Shut Down JNU

Thus,JNU row: Rahul, Kejriwal, Yechury, D Raja among 9 booked for sedition!

क्या हम मनुष्य भी हैं?
क्या मनुस्मृति की निंदा काफी है,उनका क्या करें जो सेकुलर हैं और बेटियों को बख्श नहीं रहे हैं?
बंगाल में अब छात्राएं स्कूल कालेज छोड़कर घर जाकर मुंह छुपा रही हैं क्योंकि राजनीतिक गुंडे न सिर्फ उनसे मारपीट कर रहे हैं बल्कि उन्हें बलात्कार करने की धमकी दे रहे हैं,सरेआम।
हिंदू क्या हिंदू  राष्ट्र क्या,बुनियादी सवाल यह है कि हम हिंदू हों न हों,क्या हम मनुष्य भी हैं और जिस राष्ट्र के नाम यह कुरुक्षेत्र है,वह राष्ट्र क्या है,कहां है!


सच है कि यादवपुर विश्वविद्यालय के साथ साथ जेएनयू के पक्ष में कुछ विषैले जीवजंतुओं के अलावा पूरा बंगाल एकजुट है,तो सात मार्च को संभावित चुनाव अधिसूचना से पहले केसरिया मुहिम के तहत यादवपुर विश्वविद्यालय में दीदी ने पुलिस नहीं भेजा,लेकिन वर्दमान विश्वविद्यालय में पहले कैंपस में पुलिस बुलाकर छात्र छात्राओं को धुन डाला गया।फिर इसके खिलाफ जब वे अनशन पर बैठे तो तृणमूल कर्मियों ने रात में बत्ती बुझाकर उनकी खबर ली फिर मोटर बाइक पर सवार होकर घूम घूमकर  छात्रावासों और निजी आवासों में जाक छात्राओं को घुसकर बलात्कार कर देने की धमकी दे दी।


हालात ये हैं कि पूरे वर्दमान जिले में बलात्कार का शिकार होने के खतरे के मद्देनजर छात्राएं स्कूल कालेज छोड़कर घर में मुहं छुपाकर बैठने को मजबूर हैं।


कन्याश्री के राज में यह आलम है तो क्या सिर्फ मनुस्मति की निंदा करना काफी होगा?


पुरुष वर्चस्व  के आक्रामक लिंग से कैसे बचेंगी हमारी माताें,बहने और बेटियां जबकि सत्ता वर्ग के घरों में वे शायद हैं ही नहीं?
पलाश विश्वास
JNU row: Rahul, Kejriwal, Yechury, D Raja among 9 booked for sedition

© Provided by Hindustan Times

Congress vice president Rahul Gandhi, Delhi chief minister Arvind Kejriwal, CPI(M) general secretary Sitaram Yechury are among nine persons who have booked on sedition charges in connection with the JNU row, police said on Sunday evening.

An FIR has been registered against Rahul, Kejriwal, Yechury, Congress leaders Anand Sharma and Ajay Maken, CPI leader D Raja, JD(U) spokesperson KC Tyagi, JNUSU president Kanhaiya Kumar and JNU research scholar Umar Khalid on the order of a court in Hyderabad, based on a complaint filed by lawyer Janardhan Goud.

For more on JNU row, click here

"It is a court-referred matter. Following the court's directive, a case under section 124A of the IPC (sedition) has been registered yesterday against nine persons, including Rahul Gandhi, Arvind Kejriwal, Sitaram Yechury, JNUSU president Kanhaiya Kumar and others," Saroornagar police station Inspector S Lingaiah said.

The court has posted the matter for hearing on March 4.

In his petition, Goud said Rahul and other leaders, despite being aware that Delhi Police had registered a case against Kanhaiya on charge of sedition had visited JNU campus and knowingly supported him and hence it "amounted to sedition".

Kanhaiya and Khalid, who have earlier been arrested in Delhi on sedition charge, have also been booked in Hyderabad on the same charge.

Goud had filed a complaint in the court of metropolitan magistrate on Thursday, seeking its direction to police for registration of a case against Kanhaiya and Khalid for allegedly raising anti-India and pro-Afzal Guru slogans on JNU campus and others.

In his petition, Goud said he has every right to question those who are indulging in "anti-national activities and also those who are encouraging anti-nationals in the name of solidarity for those who are facing criminal charges under section 124(A) of IPC."


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